Pradhan Mantri Garib Kalyan Package 2020

Covid-19 जैसी महामारी से निपटने के लिए भारत सरकार ने 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज को पेश किया है। भारत में COVID-19 महामारी के दौरान, वित्त मंत्री ने गरीबों के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 1.70 लाख करोड़ रुपये (24 अरब डॉलर) राहत पैकेज की घोषणा की है। लॉकडाउन की अवधि के जरिए सरकार देश के गरीब लोगों, मजदूरी करने वाले मजदूरों, महिलाओं, विधुर, शारीरिक रूप से विकलांग, दूसरे राज्यों से आये मजदूरों, किसान और अन्य लोगों की मदद करने का प्रयास कर रही है। इस योजना से तहत उन्हें जो भी पैसा मिल रहा है, वह सीधे डीबीटी मोड के जरिए उनके खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने इस योजना को नवंबर के अंत तक बढ़ा दिया।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार द्वारा दिसंबर 2016 में शुरू की गई है। यह योजना आय घोषणा योजना के आधार पर शुरू की गयी एक योजना है।

यह योजना गोपनीय तरीके से काले धन की घोषणा करने और अघोषित आय पर 50% का जुर्माना अदा करने के बाद सज़ा से बचने का अवसर प्रदान करती है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना 2020

हम सभी देशवासी इस बात से भली भाँति परिचित है की लॉकडाउन के दौरान हर आम आदमी,

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि लॉकडाउन के दौरान हर आम आदमी, गरीब लोग, महिलाएं, प्रवासी मजदुर, विकलांग व्यक्ति, किसान आदि कई तरह की

समस्याओं का सामना कर रहे हैं। स्थिति का मुकाबला करने के लिए भारत सरकार ने जो पहल करी है उसमें 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज पेश किया है। इस पैकेज के माध्यम से सरकार कोशिश कर रही है की लोग इस महामारी स्थिति से उबर सकें।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का के दो मुख्य उद्देश्य है। पहला की पहला भोजन की उपलब्धता की सुनिश्चित करना ताकि लॉकडाउन के दौरान कोई भी भूखा न रहे। दूसरा, आय में सहायता देना।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना 2020 सारांश

लाभार्थी:                                                                                     राशि/लाभ

राशन कार्डधारी (80 करोड़ लोग)                                                    5 किलो राशन अतिरिक्त रूप से मुफ्त

कोरोना योद्धाओं (डॉक्टरों, नर्स, स्टाफ)                                             50 लाख का बीमा

किसान (प्रधानमंत्री किसान योजना में पंजीकृत)                                   2000/- (अप्रैल के पहले हफ्ते में)

जनधन खाताधारक (महिला)                                                           अगले तीन महीनों के लिए 500 रुपये

विधुर, गरीब नागरिक, विकलांग, वरिष्ठ नागरिक                                  1000/- (अगले तीन महीने के लिए)

उज्जवला योजना                                                                            अगले तीन महीने तक मुफ्त सिलेंडर

एसएचजी (स्वयं सेवक)                                                                   अतिरिक्त 10 लाख का जमानत ऋण मिलेगा

निर्माण मजदूर                                                                               उनके लिए 31000 करोड़ के फंड का होगा इस्तेमाल

ईपीएफ                                                                                        24% (12% +12%) अगले तीन महीने तक सरकार द्वारा भुगतान

श्रमिक स्पेशल ट्रेन                                   भारतीय रेलवे द्वारा चलाई गयी विशेष ट्रेन के माध्यम से राज्यवार प्रवासी गृह राज्य लौटे 85% छूट दर पर

इस योजना की मुख्य विशेषताओं पर एक नज़र:

*यहाँ पर हम सबसे पहले खाना यानि भोजन के बारे में बात करते हैं। इस योजना के तहत, 80 करोड़ से अधिक लोगों को पांच किलोग्राम मुफ्त गेहूं/चावल अगले 3 महीनों तक प्रदान किया जायेगा। वह भी निशुल्क यानि किसी को भी इसके लिए एक भी पैसा नहीं देना होगा। 

राशन कार्डधारकों को राशन डीलर से 1 किलो दाल भी अलगे 3 महीनों तक मुफ्त दी जाएगी। राशन कार्डधारक कौन सी दाल लेना चाहता है या उसकी पसंद या उसके क्षेत्र पर निर्भर करता है।

*मनरेगा के कार्यकर्ताओं की मजदूरी में 1 अप्रैल 2020 से 20 रुपये की वृद्धि हुई है। यह मजदूरी 182/- थी, वृद्धि के बाद अब उन्हें प्रतिदिन 202/- मजदूरी मिलेगी। इससे सीधा लाभ लगभग देश के 13 करोड़ से अधिक परिवारों को मिलेगा।

*सफाई कर्मचारी, वार्ड ब्वॉयज, नर्स, आशा वर्कर, सहयोगी स्टाफ, टेक्नीशियन, डॉक्टर व विशेषज्ञ व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को 50 लाख रुपये का कवर उपलब्ध कराया जाएगा। इस नई योजना के तहत 22 लाख स्वास्थ्य कर्मियों को शामिल किया जाएगा।

*प्रधानमंत्री किसान योजना अंतर्गत 8.7 करोड़ किसानों को शामिल करते हुए 2,000 रुपये की पहली किस्त को अप्रैल 2020 के पहले सप्ताह तक किसानो उनकी किस्त मिल जाएगी और इसके साथ लगभग 8.7 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा।

* फाइनैंस मिनिस्टर ने अपने बयान में यह भी कहा है कि कर्मचारी और नियोक्ता की ओर से ईपीएफ का भुगतान सरकार करेगी। लेकिन सरकार केवल उन्हीं लोगों का भुगतान करेगी जिनकी कंपनी में कर्मचारियों की संख्या 100 से हैं। या जिनकी मंथली इनकम 15000 से कम है। सरकार अगले 3 महीनों के लिए 12% + 12% (24%) का भुगतान करेगी।

*सरकार तीन करोड़ वृद्ध विधवाओं, 60 से अधिक आयु वर्ग के नागरिकों और दिव्यांग श्रेणी के लोगों को तीन महीने के लिए 1000 रुपये देगी ताकि उन्हें इस लॉकडाउन के तहत किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े और यह राशि दो किस्तों में सीधे उनके खाते में जमा हो जाएगी।

*कुल 20 करोड़ से अधिक महिलाओं को अगले तीन महीने तक 500 रुपये महीने का लाभ मिलेगा, जिनका प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत खाता है और यह राशि दो किश्तों में सीधा इन सभी खाताधारकों के खाते में जमा हो जाएगी। पैसा निकलने के समय उन्हें किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े।

*भोजन और पैसे के साथ परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद अब सरकार उन लोगों की मदद करने के लिए आगे आ रही है जिन्हें उज्ज्वला योजना योजना के तहत पहले से ही लाभ मिल रहा है और इस योजना के तहत उज्जवला गैसधारकों को अगले तीन महीने तक सिलेंडर मुफ्त मिलेगा।

*लगभग 63 लाख महिला स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के जो वर्कर्स हैं जो 7 करोड़ से अधिक परिवारों को अब तक लाभ प्रदान करते आ रहे हैं, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका के तहत उन्हें दस लाख रुपये का अतिरिक्त कोलैटरल फ्री लोन मिलेगा। पहले यह राशि 10 लाख थी पर अब यह कुल 20 लाख का कोलैटरल फ्री लोन होगा। इसके तहत उन्हें कोई सुरक्षा जमा नहीं करनी है और यह तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

*वित्तीय मंत्री के अनुसार उनके पास पहले से ही भवन और अन्य निर्माण कामगार (बीओसीडब्ल्यू) के कल्याण के लिए एक फंड्स मौजूद है और यह राशि कुल 31,000 करोड़ रुपये है और इस राशि का उपयोग 3.5 करोड़ निर्माण श्रमिकों के लिए किया जा सकता है और सरकार ने राज्य को यह भी सुझाव दिया कि उन्हें इसका उपयोग मजदूरों के कल्याण के लिए करना चाहिए।

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