NIFTY Meaning in Hindi – NIFTY 50 क्या होता है?

NIFTY या NIFTY 50 क्या होता है?

 

हम जब भी शेयरमार्किट की बात करते है तो NIFTY और SENSEX का नाम हम सबसे पहेले सुनते है जो गिरता और बढ़ता रहता है. आखिर यह सब है क्या? जो ऊपर चढ़ता और नीचे गिरता है. आज हम इस पोस्ट में nifty या nifty क्या होता है? इसकी गणना कैसे करते है? NIFTY और SENSEX में क्या अंतर होता है के बारें में जानेगे.

 

NSE की स्थापना सन 1992 में हुई थी और यह दुनिया का 10वां सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज.

निफ्टी की स्थापना अप्रैल 1996 में हुई थी. Nifty NSE (national stock exchange) का सूचकांक है. NSE के index को Nifty कहा जाता है.

Nifty दो शब्दों National और Fifty को मिला कर बना है. इसको nifty 50 के नाम से भी जाना जाता है. Nifty नेशनल stock एक्सचेंज में पंजीकृत 50 प्रमुख शेयर का सूचकांक होता है. इसमें 50 कंपनिया सूचीबद्ध है जो NSE में पंजीकृत 1600 में से 24 अलग अलग क्षेत्र की 50 सबसे बड़ी, आर्थिक रूप से मजबूत तथा सबसे ज्यादा मार्केट कैप वाली अग्रणी कंपनिया है जो अपने अपने क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करती है. जैसे : बैंक, मीडिया, इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, ऑटो, रियल एस्टेट इत्यादि.

 

निफ्टी 50 का स्वामित्व और प्रबंधन NSE सूचकांक (जिसे पहले इंडिया इंडेक्स सर्विसेज एंड प्रोडक्ट्स लिमिटेड के नाम से जाना जाता है) द्वारा किया जाता है, जो एनएसई स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है।

भारतीय अर्थव्यवस्था के 14 क्षेत्रों (20 जून 2020 तक) को nifty में शामिल किया गया है और एक पोर्टफोलियो में भारतीय बाजार में निवेश प्रबंधकों को एक्सपोजर प्रदान करता है

 

शेयर बाज़ार में Nifty की रफ़्तार को देख कर ही अनुमान लगा सकते है की बाज़ार किस दिशा में जा रहा है. जब Nifty में तेज़ी आती है या जब यह ऊपर की ओर बढ़ता है तो बाज़ार में भी तेज़ी आती है, जब nifty नीचे गिरता है तो हम बाज़ार में गिरावट देखते है. वैसे nifty 50 की रफ़्तार सिर्फ nifty में रजिस्टर्ड शेयर्स की रफ़्तार पर ही निर्भर होती है फिर भी हम nifty के उतार चढाव को देख कर पुरे बाज़ार की स्तिथि का पता लगा लेते है.

हालाकि Nifty सिर्फ 50 शेयर्स के मूल्यों के आधार पर ही गिना जाता है, फिर भी nifty की दिशा बाज़ार की दिशा का संकेत देती है.

Nifty 50 शेयर्स पर आधारित है तो हम कह सकते है की nifty बाज़ार की रफ़्तार का विस्तृत तरीके से प्रतिनिधितव करता है.

ये 50 शेयर्स जो सूचीबद्ध है उनके भाव में होने वाली तेज़ी या मंदी का भी ध्यान रखता है और उनकी भी सूचना प्रदान करता है. NIFTY 50 भारत का सबसे प्रमुख और मत्वपूर्ण Stock Index है. यह देश में सबसे ज्यादा Trend होता है. दुसरे नंबर पर BSE सेंसेक्स है.

निफ्टी की गणना कैसे होती है?

सेंसेक्स की तरह ही Nifty की गणना Free-float Market Capitalization के द्वारा ही की जाती है.  Free float क्या होता है ये पहले जान लेते है.

Free-Float किसी भी कंपनी के बाज़ार पंजीकरण (market Capitalization) का वह हिस्सा होता है जो बाज़ार में बिकने के लिए उपलब्ध होता है. उस हिस्से को free-float या बाज़ार पूंजी कहते है और उसी आधार पर nifty की भी गणना की जाती है.

Nifty की गणना करने के लिए जिस प्रकिर्या का उपयोग किया जाता है सेंसेक्स की गणना में भी वही प्रकिर्या इस्तेमाल किया जाता है, पर निफ्टी में कुछ बदलाव किये जाते है।

  • Nifty का आधार वर्ष 1995 है और आधार अंक 1000 है. इस सूचकांक की गणना 3 नवम्बर 1995 से की जाती है. और सूचकांक का आधार 1000 माना गया है.
  • Nifty की गणना 12 अलग-अलग क्षेत्रों की 50 सबसे ज्यादा अग्रणी कंपनियों को चुना जाता है।

निफ्टी एक free-float market capitalization का सूचकांक है। शुरू में इसकी गणना full market capitalization की पद्धति गणना की गई थी । 26 जून 2009 को इसे free-float market capitalization पद्धति में बदल दिया गया।

 

Index Committee के माध्यम द्वारा निफ्टी में पंजीकृत 50 कंपनियों का चयन का होता है इस committee में बड़े बड़े अर्थशास्त्री आदि शामिल होते है.

 

NIFTY और सेंसेक्स में क्या अंतर होता है:

वैसे तो निफ्टी और सेंसेक्स लगभग एक सामान ही है. निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ही stock एक्सचेंज के index यानि संवेदी सूचकांक हैं. पर दोनों में कुछ अंतर है जो इन दोनों को एक दुसरे से अलग और बेहतर बनाते है

  • NIFTY National Stock Exchange का सूचकांक है और SENSEX Bombay Stock Exchange का सूचकांक है.
  • NSE NIFTY के अंतर्गत 50 कंपनियों के शेयर्स सूचीबद्ध है और BSE SENSEX में 30 कंपनियों के शेयर्स सूचीबद्ध है
  • Nifty की स्थापना 1996 में हुई थी और Sensex की स्थापना 1986 में हुई थी.

NIFTY और सेंसेक्स दोनों का ही देश की अर्थव्यवस्था के साथ गहरा समबन्ध है. दोनों का ही वास्तविक मकसद शेयर बाजार की स्थिति बताना होता है.

NIFTY के फायदे

वेसे तो NIFTY के कई सारे फायदे है पर इनमे से कुछ प्रमुख फायदे है जो इस प्रकार है-

NSE किस प्रकार का काम कर रहा है NSE के प्रदर्शन के बारे में पता चल जाता है.

बाजार की रफ़्तार का उचित  अनुमान निफ्टी के माध्यम से लगाया जा सकता है. NIFTY से बाज़ार में होने वाले उतर चड़ाव की जानकारी आसानी से मिल जाती है.

NIFTY के द्वारा देश की अर्थव्यवस्था के बारें में जानकारी बड़ी आसानी से मिल जाती है. हमें पता लग जाता है अगर निफ्ट ऊपर की तरफ जा रहा है तो बाजार में तेज़ी बानी हुई है तोइसका अर्थ यह हुआ की देश की अर्थव्यवस्था भी ऊपर की और जा रही है.

 

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