Moratorium Meaning In Hindi – मोरेटोरियम क्या होता है ?

What is Moratorium Meaning In Hindi – मोरेटोरियम क्या होता है ?

COVID-19 प्रकोप और लॉकडाउन से उत्पन्न वर्तमान स्थिति ने सामान्य जीवन में भारी व्यवधान पैदा कर दिया है ।

उक्त आउट-ब्रेक के कारण अर्थव्यवस्था में भी धीमी गिरावट देखी जा रही है ।

इस तनावपूर्ण अवधि के दौरान, भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank Of India) ने उधारकर्ताओं को कुछ राहत प्रदान करने के लिए स्थगन का प्रावधान शुरू किया है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने 27 मार्च, 2020 की अपनी अधिसूचना के माध्यम से सभी मौजूदा बैंकों को 1 मार्च, 2020 से 31 मई, 2020 के बीच आने वाली सभी किश्तों के भुगतान पर तीन महीने की रोक लगाने का निर्देश दिया थे।

COVID -19 के प्रकोप और लॉकडाउन से उत्पन्न वर्तमान स्थिति ने हमारे सामान्य जन-जीवन में भारी रुकावट पैदा कर दी है।

ऐसी स्तिथि अर्थव्यवस्था में भी धीमी गिरावट देखी जा रही है ।

इस तनावपूर्ण स्तिथि में भारतीय रिजर्व बैंक ने और गिरती हुई अर्थवयवस्था के साथ साथ हमारी आर्थिक स्तिथि पर भी असर पढ़ रहा है।

जिन लोगों ने लोन लिया हुआ या जिनकी लोन की किस्त जाने वाली है, lockdown की स्तिथि में लोग emi कैसे चुका पाएंगे, यह परेशानी उन्हें सता रही है।

तो उन्हें चिंता करने की ज़रूरत नहीं है, क्यूकी अगर आपने किसी भी तरह का कोई भी लोन लिया हुआ है। उनके लिए अभी हाल ही में RBI ने  Moratorium प्रणाली को लागू किया है।

Definition of Moratorium – मोरेटोरियम की परिभाषा 

Moratorium उस अवधि को कहा जाता है जिसमें  किसी  प्राकर्तिक आपदा  या  परेशानी के चलते  किसी भी तरह के लोन  किश्त भरनी नहीं पड़ती है. इसे ईएमआई हॉलिडे (EMI Holiday) भी कहा जाता है.

मोरेटोरियम क्या होता है – Moratorium Meaning in Hindi

 Moratorium kya Hota hai? मोरेटोरियम का basic मतलब होता है “पाबन्दी” “स्थगन” या “रोक”

Moratorium का अर्थ है एक तरह का emi holiday यानि आपको मासिक किस्तों में आपको कुछ महीनों या सालों की छूट मिल जाना। किसी भी तरीके के क़ानून या किसी भी तरह के लोन का अस्थाई निलंभन।

कोरोना के प्रकोप को देखते हुए RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने जिन लोगों ने लोन लिया है उन्हें काफी बड़ी राहत प्रदान की है।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंकों, गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थाओं और अन्य वित्तीय संस्थाओं को टर्म लोन(जिनकी हर महीने क़िस्त जाती है) की क़िस्त को 3 महीनों तक न लेने के लिए कहा है।

RBI के मुताबिक जितने भी वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय बैंक, ग्रामीण बैंक अदि से अगर लोन लिया है तो आपको 3 महीने के Moratorium period दिया जा रहा है।

इसका ये मतलब बिलकुल नहीं है बैंक ने उन 3 महीनों का लोन माफ़ कर दिया है।

बैंकिंग में मोरेटोरियम का क्या अर्थ है – Moratoruim Meaning in Banking

बैंकिंग क्षेत्र में मोरेटोरियम शब्द का प्रयोग सबसे अधिक लोन के लेन देन में किया जाता है।

पढ़ाई के लिए यदि हम शैक्षिक ऋण (educational loan) लेते है तो हमें उस लोन की अपनी पढाई पूरी होने के बाद दे सकते है।

पढाई पूरी होने के बाद अगर हम नौकरी ढूंढ रहे है तो बैंक हमें 4 से 12 महीने तक का समय देती उस शैक्षिक ऋण (educational loan) की चुकाने के लिए।

अगर किसी को मोरेटोरियम अवधि खत्म होने के बाद भी नौकरी नहीं मिलती तो उस स्तिथि में बैंक ने लोन को चुकाने के लिए जो समय आपको दिया है इस अवधि  को मोरेटोरियम अवधि कहा जाता है।

और अगर आप लोन को अदायगी नहीं कर पा रहे है तो फिर आपको एक निर्धारित क़िस्त के अनुसार लोन को चुकाना पड़ेगा।

अधिस्थगन अवधि का मतलब – Moratorium Period Meaning in Hindi ?

यानि जब आपको लोन नहीं देना होता है। ऐसी स्तिथि में बहुत से  प्रावधान होते है की MORATORIUM PERIOD बैंक अपने अनुसार कभी कभी दे भी सकती और कभी कभी नहीं भी देती है।

कभी कभी कोई बैंक 4 महीने का मोरेटोरियम अवधि देता है कोई बैंक 8 महीने का MORATORIUM PERIOD देता है, यह सब बैंक to बैंक निर्भर करता है।

बिज़नेस लोन और होम लोन के लिए इसमें नियम अलग अलग बनाये गए है।  जैसे की हर लोन का MORATORIUM PERIOD अलग हो सकता है।

 

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंकों को दिशानिर्देश दिए है की वह लोगों को EMI को चुकाने में 3 महीने की राहत दे। ऐसी स्तिथि में यह बैंकों पर निर्भर करता है की वह ऐसा कर सकते या नहीं।

अगर हम ऐसा सोचते है की MORATORIUM PERIOD में हमें मूलधन और बयाज में भी छूट मिल जाएगी तो ऐसा बिलकुल भी नहीं है।

MORATORIUM में मूलधन और बयाज दोनों आएगा।

MORATORIUM में हर  तरह का लोन शामिल है जैसे: पर्सनल लोन, होम लोन, एजुकेशन लोन, ऑटोमोबाइल लोन, क्रेडिट कार्ड की emi।

इसके अंतर्गत वह लोन भी शामिल है जिससे आप टीवी, फ्रिज, मोबाइल इत्यादि लेते है। MORATORIUM के दौरान आपकी CIBIL रेटिंग पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 22 मई, 2020 को एक संवाददाता सम्मेलन में टर्म लोन ईएमआई पर स्थगन को तीन महीने यानी 31 अगस्त, 2020 तक बढ़ाने की घोषणा की।

लोन ईएमआई पर पहले तीन महीने की रोक 31 मई, 2020 को खत्म हो रही थी। इससे 1 मार्च, 2020 से 31 अगस्त, 2020 तक के ऋण ईएमआई (समान मासिक किस्त) पर कुल छह महीने की रोक है।

 

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